मंगलवार, 1 मई 2018

मेरी कुण्डली क्या सच बोली है -पढ़ें ?भाग -2 - झा "मेरठ "

कृपया ध्यान दें ---ज्योतिष की भी गरिमा बनाये रखना प्रत्येक ज्योतिषी का कर्तव्य होता है --अतः हम अपना जन्म समय ,तारीख का उल्लेख नहीं करेंगें --इसके अलावा समस्त अपनी सच बातों को लिखेंगें ----अस्तु --मेरा जन्म सिंह लग्न में हुआ --अतः मेरा ललाट -बड़ा है ,लम्बी गर्दन है ,आँखों में तेज है ,तीव्र क्षुधा वाला हूँ ,शान्त रहने वाला हूँ ,अल्प धन से संतुष्ट रहता हूँ ,अत्यधिक किसी भी चीज -चाहे धन हो ,कार्य हो ,या भवन हो क्षण मात्र में परेशान हो जाता हूँ साथ ही इनके न रहने पर भी दुःखी रहता हूँ | लग्न में सूर्य और मंगल साथ ही केतु की युति होने से ,कठोर वचन बोलने वाला हूँ ,सिद्धांतवादी हूँ ,नियम का पालन करता हूँ पर शत्रुता को निभाता हूँ ,किसी की किसी भी वस्तु से लालच नहीं रखता हूँ पर प्रत्येक वस्तु की प्राप्ति चाहे जितने श्रम से हो करने वाला हूँ ,अपने कार्य को पूरा करने के बाद आराम करता हूँ ,मेरे आराम में किसी की दखलंदाजी मुझे पसंद नहीं है ,बहुत जल्दी बिचलित होता हूँ साथ ही बहुत जल्दी संतुष्ट भी होता हूँ | केतु की वजह से अनायास चोट लगती रहती है ,रक्त सम्बंधित रोगी हूँ ,अकेलापन पसंद है ,चिंतन करना ,खोज करना ,या असंभव को संभव बनाना मेरे लिए अत्यधिक सरल होता है | परमात्मा पर ,गुरुजनों पर साथ ही अपने आप पर बहुत ही भरोसा रखता हूँ , बिना जानकारी के भी स्वयं खोजने की क्षमता रखता हूँ | अपनी सभी वस्तुओं से बहुत प्यार करता हूँ उन तमाम वस्तुओं को आजीवन संभालकर रखने का प्रयास करता रहता हूँ ,मेरी किसी चीज को कोई छू नहीं सकता है अगर छूता है तो उस वस्तु को तत्काल नष्ट कर देता हूँ | किसी से याचना करना मरना जैसा मानता हूँ ,मुझसे कोई भूल होती है उसकी सजा मैं स्वयं निर्धारित करता हूँ और अपने शरीर को सजा देता हूँ | अपनी गलती को बताने में देर नहीं करता हूँ | मैं सूखी रोटी में भी राजसी ठाठबाट समझता हूँ | बहुत क्रोधी हूँ ,किसी का रुदन मेरे ह्रदय को द्रवित कर देता हैं ,किसी का दुःख मुझसे देखा नहीं जाता है | कभी -कभी निर्णय करने में बिचलित हो जाता हूँ ,----दोस्तों --यह तमाम बातें मुझमें हैं -यह सिंहलग्न का स्वभाव और सूर्य ,केतु ,मंगल की युति होने पर प्रभाव भी होता है | यहाँ यह ध्यान देने वाली बात है कि भले ही सिंह लग्न हो किन्तु ग्रहों के अनुकूल स्वभाव और प्रभाव किसी व्यक्ति का होता हैं | आगे की चर्चा आगे के भाग में करेंगें | सेवा हेतु इस -पेज -.https://www.facebook.com/kanhaiyalal.jhashastri को पसन्द करें -फिर सन्देश बॉक्स में राम राम शब्द केवल लिखें -हमारा जबाब मिलेगा -तत्काल सेवा का लाभ लें|

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