शुक्रवार, 11 मई 2018

मेरी कुण्डली कैसे सच बोली है -भाग -14 -पढ़ें ? झा "मेरठ "

किसी व्यक्ति की आमदनी कैसे, कब और किस प्रकार से होगी कि जानकारी करनी हो तो जन्मकुण्डली का एकादशभाव उपयुक्त स्थान होता है | यहाँ से हमें समस्त जानकारियां तप से योग से नहीं बल्कि ज्योतिष गणना से मिलती हैं | ---एकबार एक राजा ने महर्षि से प्रश्न किया संसार में सुख किसे कहते हैं ? महर्षी ने उत्तर दिया -प्रथम -रखा हुआ धन नहीं -जिनको नित्य धन की आय होती है ,दूसरा जो नित्य स्वस्थ रहते हैं ,तीसरा -जिनके पास सुन्दर भार्या है ,चौथा -सुन्दर भार्या तो है साथ ही  प्रिय बोलने वाली भी है ,पांचवा -जिनके पास सुन्दर संतान हैं ,छठा -सुन्दर संतान तो हैं पर साथ में आज्ञाकारी भी हैं ये छे सुख पृथ्वी पर जिनके पास हैं वास्तव में वही सुखी हैं {हितोपदेश }------अस्तु ---मेरी कुण्डली के एकादश भाव में मिथुन राशि है जिसका स्वामी बुध धन भाव में उच्च का होकर -शुक्र के साथ है अतः वाणी ,कला और दृढ़ता से निरंतर धन की आय मुझे होती रहेगी | यह बात सच भी है मुझे प्रचुर आवश्यकतानुसार धन की आय होती रहती है | ---वैसे मुझे अपने जीवन में बुध की दशा या शुक्र की दशा के दर्शन नहीं होंगें अगर होते तो हम भी महान धनाढ्य व्यक्ति होते | मेरा पूर्व जन्म का ऐसा कोई पुण्य नहीं है अतः कुछ धन  से संतोष करके रहना होगा | -----वैसे ऊपर पहले ही बता चूका हूँ केवल व्यक्ति धन से सुखी नहीं होता है साथ ही व्यक्ति के सुदृढ़ कर्म का प्रतिफल ही सुख होता है अतः हम सभी को जो मिले उसे ईस्वर का आशीर्वाद समझकर स्वीकार करना चाहिए साथ ही आगे कैसे उत्तम सुख मिलें इस हेतु क्रम अवश्य करने चाहिए -----आगे की चर्चा आगे करंगें | ---आपका एस्ट्रो वर्ल्ड हिन्दी सर्विस झा मेरठ --निःशुल्क ज्योतिष एकबार परामर्ष हेतु इस लिंक पर पधारें --.https://www.facebook.com/kanhaiyalal.jhashastri

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