मंगलवार, 6 मार्च 2018

आप बीती पर सच्ची है मेरी आत्मकथा -भाग -35 झा "मेरठ "

दोस्तों -निराला जी की यह पंक्ति --यह जीवन क्या है निर्झर है ,मस्ती ही इसका पानी है  | बचपन से ही याद है साथ ही ऐसी ही सोच भी सदा रखता हूँ पर वक्त हमें इस पथ पर सदा चलने नहीं देता है ---अस्तु ---2018 आते ही पहली खुशी मिली हम नाना बन गए | यह खुशी मेरे लिए इसलिए थी क्योंकि हमारी शादी उनीस वर्ष यानि 1990 में हुई थी और पहले परमात्मा ने दो कन्या रत्न दिए ,पुत्र की लालसा शायद कभी पूरी नहीं होती अगर आस -पड़ोस के लोग उपहास न करते तो --हुआ क्या लोग कहने लगे इतने बड़े विद्वान हो तो पहले खुद तो पुत्र पा लो यह शब्द मानो मेरे ह्रदय को विदीर्ण करते थे पर एकदिन परमात्मा को मुझ पर दया आयी और हम -2007 में पुत्रवान हुए | अब अगर मेरी संतान को पुत्र रत्न मिले तो खुश होना लाजमी बात है | -अब 2018 में हम नेट की दुनिया में परिपक्व हो गए, तो छूटी हुई संगीत साधना फिर से ह्रदय में हिलोरे लेने लगे तो एक मनपसन्द साज हारमोनियम फिर से खरीदकर ले आया | आजतक धन के आभाव में मन पसन्द साज नहीं मिला था सो अब हम आपको सभी को ज्योतिष के साथ -साथ संगीत की भी जानकारी देते रहेंगें और यह दिखाने की कोशिश करेंगें कि तमन्ना हो तो सबकुछ प्राप्त लोग कर सकते हैं | -----यहाँ एकबात आपलोगों को बताना चाहता हूँ --कई रागों को सीखने के बाद मुझको गाना= गाना नहीं आता था तो एकदिन हमने गुरूजी से कहा गुरूजी गाना लोग कैसे बजाकर गाते हैं --बतायें ---गुरुजीने एक थप्पड़ जड़ दिया बोले जिस दिन इस साज में परमात्मा दिखने लगेंगें ---मैं अनाड़ी भला इस माहात्म्य को कैसे जनता कि इस लकड़ी में भगवान हैं तो दिखते क्यों नहीं हैं मुझको --पर एकदिन जब मैं श्याम कल्याण राग को  बजाते -बजाते थक गया तो हारमोनियम पर सोकर रोने लगा कि गुरूजी कहते हैं इस राग को बजाने से ही गायक बनेगा पर मैं बन नहीं प् रहा हूँ ----उसी समय कोई व्यक्ति एक गीत गुनगुना रहा था मैंने उसकी आवाज को हारमोनियम के स्वर से मिलाने की कोशिश की और वो व्यक्ति बोला बहुत अच्छा बजाते हो -अब तुम इस गाने को अपनी आवाज में गाओ और बजाओ ---फिर क्या था गाने यूँ ही बजने लगे --अब हम अपने हारमोनियम में परमात्मा का दर्शन करने लगे --आज मेरे वो गुरुदेव इस जगत में नहीं हैं पर जब भी साज को छूता हूँ मानों वो गुरुदेव मेरे ह्रदय में प्रथम आते हैं और मुझको मार्ग भी बताते हैं | आगे की चर्चा आगे करेंगें | निःशुल्क ज्योतिष सम्बन्धी जानकारी हेतु इस लिंक पर पधारें - https://www.facebook.com/kanhaiyalal.jhashastri आपका -एस्ट्रो वर्ल्ड हिन्दी सर्विस " संचालक -पंडित के० एल० झा शास्त्री पत्ता -कृष्णपुरी 244 देहली गेट मेरठ उत्तर प्रदेश {भारत }संपर्क सूत्र -09897701636 +09358885616

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

-आपका एस्ट्रो वर्ल्ड हिन्दी सर्विस झा "मेरठ "

ज्योतिष की सभी सेवा अनिश्चित काल तक अनुपब्ध रहेगी -झा "मेरठ "

सभी ज्योतिष प्रेमियों ,साथ ही मेरे पेज से, समूहों से जुड़ें और मैं अपने समस्त मित्रों को सादर नमन करता हूँ | कृपया ध्यान दें -सभी दिन एक जै...